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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3976

नंबर 3976किताब 32, नंबर 8
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي عَلِيِّ بْنِ يَزِيدَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ قَرَأَهَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏{‏ وَالْعَيْنُ بِالْعَيْنِ ‏}‏ ‏.‏
Narrated Anas ibn Malik: The Messenger of Allah (ﷺ) read the verse: "eye for eye" (al-'aynu bil-'ayn)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Dialects and Readings of the Qur'an (Kitab Al-Huruf Wa Al-Qira'at)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।