सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3925

नंबर 3925किताब 30, नंबर 22
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا مُفَضَّلُ بْنُ فَضَالَةَ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ الشَّهِيدِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَخَذَ بِيَدِ مَجْذُومٍ فَوَضَعَهَا مَعَهُ فِي الْقَصْعَةِ وَقَالَ ‏ "‏ كُلْ ثِقَةً بِاللَّهِ وَتَوَكُّلاً عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: The Messenger of Allah (ﷺ) took a man who was suffering from tubercular leprosy by the hand; he then put it along with his own hand in the dish and said: Eat with confidence in Allah and trust in Him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Divination and Omens (Kitab Al-Kahanah Wa Al-Tatayyur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।