حَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ بَكَّارٍ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، عَنِ ابْنِ طَاوُسٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمَ خَيْبَرَ عَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ الأَهْلِيَّةِ وَعَنِ الْجَلاَّلَةِ عَنْ رُكُوبِهَا وَأَكْلِ لَحْمِهَا .
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: On the day of Khaybar the Messenger of Allah (may pease be upon him) forbade (eating) the flesh of domestic asses, and the animal which feeds on filth: riding it and eating its flesh
स्रोत में दर्ज दर्जे
Hasan SahihAl-Albani
Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
HasanShuaib Al Arnaut
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।