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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3810

नंबर 3810किताब 28, नंबर 75
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، عَنْ مِسْعَرٍ، عَنِ ابْنِ عُبَيْدٍ، عَنِ ابْنِ مَعْقِلٍ، عَنْ رَجُلَيْنِ، مِنْ مُزَيْنَةَ أَحَدُهُمَا عَنِ الآخَرِ، أَحَدُهُمَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرِو بْنِ عُوَيْمٍ وَالآخَرُ غَالِبُ بْنُ الأَبْجَرِ ‏.‏ قَالَ مِسْعَرٌ أَرَى غَالِبًا الَّذِي أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا الْحَدِيثِ ‏.‏
Muhammed b. Sulaiman narrated from Abu Nu’aim, from Mis’ar, from Ibn ‘Ubaid, from Ibn Ma’qil, from two men of Muzainah, one from the other, one of them is ‘Abd Allah b. ‘Amr b. ‘Uwaim, and the other is Ghalib b. al-Abjar. Mis’ar said:I think it was Ghalib who had come to the Prophet(ﷺ) with tradition
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Foods (Kitab Al-At'imah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।