حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ ثَابِتِ بْنِ عُمَارَةَ، حَدَّثَتْنِي رَيْطَةُ، عَنْ كَبْشَةَ بِنْتِ أَبِي مَرْيَمَ، قَالَتْ سَأَلْتُ أُمَّ سَلَمَةَ مَا كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَنْهَى عَنْهُ قَالَتْ كَانَ يَنْهَانَا أَنْ نَعْجُمَ النَّوَى طَبْخًا أَوْ نَخْلِطَ الزَّبِيبَ وَالتَّمْرَ .
Narrated Umm Salamah, Ummul Mu'minin: Kabshah, daughter of AbuMaryam, asked Umm Salamah (Allah be pleased with her): What did the Prophet (ﷺ) prohibit? She replied: He forbade us to boil dates so much so that the kernels are spoiled, and to mix raisins and dried dates
स्रोत में दर्ज दर्जे
Daif IsnaadAl-Albani
Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।