حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، وَحَفْصُ بْنُ عُمَرَ النَّمَرِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، - عَنْ رَجُلٍ، - قَالَ حَفْصٌ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ نَهَى عَنِ الْبَلَحِ وَالتَّمْرِ وَالزَّبِيبِ وَالتَّمْرِ .
Narrated A man: A man from among the Companions of the Prophet (ﷺ) said: The Prophet (ﷺ) forbade (mixing) unripe dates and dried dates, and (mixing) raisins and dried dates
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
SahihShuaib Al Arnaut
Isnaad SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।