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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3590

नंबर 3590किताब 25, नंबर 20
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدٍ الْمَرْوَزِيُّ، حَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُسَيْنٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ يَزِيدَ النَّحْوِيِّ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ ‏{‏ فَإِنْ جَاءُوكَ فَاحْكُمْ بَيْنَهُمْ أَوْ أَعْرِضْ عَنْهُمْ ‏}‏ فَنُسِخَتْ قَالَ ‏{‏ فَاحْكُمْ بَيْنَهُمْ بِمَا أَنْزَلَ اللَّهُ ‏}‏ ‏.‏
Ibn 'Abbas said:The Qur'anic verse: "If they do come to thee, either judge between them, or decline to interfere" was abrogated by the verse: "So judge between them by what Allah hath revealed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan IsnaadAl-Albani
  • Hasan IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Office of the Judge (Kitab Al-Aqdiyah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।