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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3588

नंबर 3588किताब 25, नंबर 18
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا مُصْعَبُ بْنُ ثَابِتٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّ الْخَصْمَيْنِ يَقْعُدَانِ بَيْنَ يَدَىِ الْحَكَمِ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn az-Zubayr: The Messenger of Allah (ﷺ) gave the decision that the two adversaries should be made to sit in front of the judge
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Office of the Judge (Kitab Al-Aqdiyah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।