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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3561

नंबर 3561किताब 24, नंबर 146
حَدَّثَنَا مُسَدَّدُ بْنُ مُسَرْهَدٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنِ ابْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، ع��نْ سَمُرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ عَلَى الْيَدِ مَا أَخَذَتْ حَتَّى تُؤَدِّيَ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ إِنَّ الْحَسَنَ نَسِيَ فَقَالَ هُوَ أَمِينُكَ لاَ ضَمَانَ عَلَيْهِ ‏.‏
Narrated Samurah:The Prophet (ﷺ) as saying: The hand which takes is responsible till it pays. Then al-Hasan forgot and said: (If you give something on loan to a man), he is your depositor ; there is no compensation (for it) on him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।