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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3560

नंबर 3560किताब 24, नंबर 145
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْجَرَّاحِ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ مُوسَى، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ الأَسْوَدِ، عَنْ مُجَاهِدٍ، قَالَ الْعُمْرَى أَنْ يَقُولَ الرَّجُلُ لِلرَّجُلِ هُوَ لَكَ مَا عِشْتَ فَإِذَا قَالَ ذَلِكَ فَهُوَ لَهُ وَلِوَرَثَتِهِ وَالرُّقْبَى هُوَ أَنْ يَقُولَ الإِنْسَانُ هُوَ لِلآخِرِ مِنِّي وَمِنْكَ ‏.‏
Mujahid said:'Umra' means that a man says to another man: It belongs to you so long as you live. When he says that, it belongs to him and to his heirs. Ruqba means that a man says to another: From me and from you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MaqtuAl-Albani
  • Sahih Isnaad MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।