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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3512

नंबर 3512किताब 24, नंबर 97
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا ابْنُ أَبِي لَيْلَى، أَنَّ الْقَاسِمَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ ابْنَ مَسْعُودٍ، بَاعَ مِنَ الأَشْعَثِ بْنِ قَيْسٍ رَقِيقًا فَذَكَرَ مَعْنَاهُ وَالْكَلاَمُ يَزِيدُ وَيَنْقُصُ ‏.‏
Al-Qasim b. 'Abd al-Rahman reported on the authority of his father:Ibn Mas'ud sold slaves to al-Ash'ath b. Qais. He then narrated the rest of the tradition to the same effect with some variation of words
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · Wages (Kitab Al-Ijarah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।