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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3264

नंबर 3264किताब 22, नंबर 23
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا عِكْرِمَةُ بْنُ عَمَّارٍ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ شُمَيْخٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ ‏:‏ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا اجْتَهَدَ فِي الْيَمِينِ قَالَ ‏:‏ ‏ "‏ وَالَّذِي نَفْسُ أَبِي الْقَاسِمِ بِيَدِهِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuSa'id al-Khudri: When the Messenger of Allah (ﷺ) swore an oath strongly, he said: No, by Him in Whose hand is the soul of AbulQasim
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।