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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3122

नंबर 3122किताब 21, नंबर 34
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ كَثِيرٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لَمَّا قُتِلَ زَيْدُ بْنُ حَارِثَةَ وَجَعْفَرٌ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ رَوَاحَةَ جَلَسَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الْمَسْجِدِ يُعْرَفُ فِي وَجْهِهِ الْحُزْنُ وَذَكَرَ الْقِصَّةَ ‏.‏
Narrated 'Aishah:When Zaid b. Harithah, Ja'far and 'Abd Allah b. Rawahah were killed, the Messenger of Allah (ﷺ) sat down in the mosque and grief was visible in his face. Then he (the narrator) mentioned the rest of the tradition
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (1305) Sahih Muslim (935)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।