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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3121

नंबर 3121किताब 21, नंबर 33
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، وَمُحَمَّدُ بْنُ مَكِّيٍّ الْمَرْوَزِيُّ، - الْمَعْنَى - قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، - وَلَيْسَ بِالنَّهْدِيِّ - عَنْ أَبِيهِ، عَنْ مَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اقْرَءُوا ‏{‏ يس ‏}‏ عَلَى مَوْتَاكُمْ ‏"‏ ‏.‏ وَهَذَا لَفْظُ ابْنِ الْعَلاَءِ ‏.‏
Narrated Ma'qil ibn Yasar: The Prophet (ﷺ) said: Recite Surah Ya-Sin over your dying men. This is the version of Ibn al-Ala
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Funerals (Kitab Al-Jana'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।