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सुनन अबू दाऊद

नंबर 959

नंबर 959किताब 2, नंबर 570
حَدَّثَنَا ابْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، قَالَ سَمِعْتُ يَحْيَى، قَالَ سَمِعْتُ الْقَاسِمَ، يَقُولُ أَخْبَرَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، يَقُولُ مِنْ سُنَّةِ الصَّلاَةِ أَنْ تُضْجِعَ رِجْلَكَ الْيُسْرَى وَتَنْصِبَ الْيُمْنَى ‏.‏
(There is another chain) reported from Yahya who said:"I heard Al-Qasim saying: "Abdullah bin 'Abdullah informed me that he heard 'Abdullah bin 'Umar saying: "From the Sunnah of the prayer is to lay your left foot on the ground, and raise your right foot
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।