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सुनन अबू दाऊद

नंबर 956

नंबर 956किताब 2, नंबर 567
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، حَدَّثَنَا كَهْمَسُ بْنُ الْحَسَنِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَقِيقٍ، قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ أَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقْرَأُ السُّورَةَ فِي رَكْعَةٍ قَالَتِ الْمُفَصَّلَ ‏.‏ قَالَ قُلْتُ فَكَانَ يُصَلِّي قَاعِدًا قَالَتْ حِينَ حَطَمَهُ النَّاسُ ‏.‏
‘Abd Allah b. Shaqiq said:I asked ‘A’ishah whether the Messenger of Allah (ﷺ) recited a whole Surah (of the Quran) in one Rak’ah of the prayer. She replied : (He recited from among) the Mufassal surahs. I asked: Did he pray (at night) sitting? She replied : (he prayed sitting) when the people made him old
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (732)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।