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सुनन अबू दाऊद

नंबर 815

नंबर 815किताब 2, नंबर 425
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا قُرَّةُ، عَنِ النَّزَّالِ بْنِ عَمَّارٍ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ، أَنَّهُ صَلَّى خَلْفَ ابْنِ مَسْعُودٍ الْمَغْرِبَ فَقَرَأَ بِـ ‏{‏ قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ ‏}‏ ‏.‏
Abu’Uthman al-Nahdl said that he offered the sunset prayer behind Ibn mas’ud, when he recited “Say:He is Allah, the One” (Surah)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।