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सुनन अबू दाऊद

नंबर 814

नंबर 814किताब 2, नंबर 424
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدٍ السَّرْخَسِيُّ، حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ، سَمِعْتُ مُحَمَّدَ بْنَ إِسْحَاقَ، يُحَدِّثُ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّهُ قَالَ مَا مِنَ الْمُفَصَّلِ سُورَةٌ صَغِيرَةٌ وَلاَ كَبِيرَةٌ إِلاَّ وَقَدْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَؤُمُّ النَّاسَ بِهَا فِي الصَّلاَةِ الْمَكْتُوبَةِ ‏.‏
‘Amr b. Shu’aib, on his father’s authority, quoted his grandfather as saying:There is no short or long surah in al-Mufassal which I have not heard the Messenger of Allah (May peace be upon him) reciting when he led the people in the prescribed prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।