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सुनन अबू दाऊद

नंबर 750

नंबर 750किताब 2, नंबर 360
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ الْبَزَّازُ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي زِيَادٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنِ الْبَرَاءِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا افْتَتَحَ الصَّلاَةَ رَفَعَ يَدَيْهِ إِلَى قَرِيبٍ مِنْ أُذُنَيْهِ ثُمَّ لاَ يَعُودُ ‏.‏
Narrated Al-Bara' ibn Azib: When the Messenger of Allah (ﷺ) began prayer, he raised his hands up to his ears, then he did not repeat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।