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सुनन अबू दाऊद

नंबर 614

नंबर 614किताब 2, नंबर 224
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، حَدَّثَنِي يَعْلَى بْنُ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ صَلَّيْتُ خَلْفَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَكَانَ إِذَا انْصَرَفَ انْحَرَفَ ‏.‏
Narrated Yazid ibn al-Aswad: Jabir ibn Yazid ibn al-Aswad reported on the authority of his father: I prayed behind the Messenger of Allah (ﷺ). When he finished the prayer, he would turn (his face from the direction of the Ka'bah)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।