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सुनन अबू दाऊद

नंबर 534

नंबर 534किताब 2, नंबर 144
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ بُرْقَانَ، عَنْ شَدَّادٍ، مَوْلَى عِيَاضِ بْنِ عَامِرٍ عَنْ بِلاَلٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ لَهُ ‏ "‏ لاَ تُؤَذِّنْ حَتَّى يَسْتَبِينَ لَكَ الْفَجْرُ هَكَذَا ‏"‏ ‏.‏ وَمَدَّ يَدَيْهِ عَرْضًا قَالَ أَبُو دَاوُدَ شَدَّادٌ مَوْلَى عِيَاضٍ لَمْ يُدْرِكْ بِلاَلاً ‏.‏
Narrated Bilal: The Messenger of Allah (ﷺ) said to Bilal: Do not call adhan until the dawn appears clearly to you in this way, stretching his hand in latitude. Abu Dawud said: Shaddad did not see Bilal
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।