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सुनन अबू दाऊद

नंबर 492

नंबर 492किताब 2, नंबर 102
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم - وَقَالَ مُوسَى فِي حَدِيثِهِ فِيمَا يَحْسَبُ عَمْرٌو - أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الأَرْضُ كُلُّهَا مَسْجِدٌ إِلاَّ الْحَمَّامَ وَالْمَقْبُرَةَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Sa'id: and the narrator Musa said: As far as Amr thinks, the Prophet (ﷺ) said: The whole earth is a place of prayer except public baths and graveyards
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।