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सुनन अबू दाऊद

नंबर 450

नंबर 450किताब 2, नंबर 60
حَدَّثَنَا رَجَاءُ بْنُ الْمُرَجَّى، حَدَّثَنَا أَبُو هَمَّامٍ الدَّلاَّلُ، مُحَمَّدُ بْنُ مُحَبَّبٍ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ السَّائِبِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيَاضٍ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ أَبِي الْعَاصِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَهُ أَنْ يَجْعَلَ مَسْجِدَ الطَّائِفِ حَيْثُ كَانَ طَوَاغِيتُهُمْ ‏.‏
Narrated Uthman ibn Abul'As: The Prophet (nay peace be upon him) commanded him to build a mosque at Ta'if where the idols were placed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।