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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1037

नंबर 1037किताब 2, नंबर 648
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ الْجُشَمِيُّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا الْمَسْعُودِيُّ، عَنْ زِيَادِ بْنِ عِلاَقَةَ، قَالَ صَلَّى بِنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ شُعْبَةَ فَنَهَضَ فِي الرَّكْعَتَيْنِ قُلْنَا سُبْحَانَ اللَّهِ قَالَ سُبْحَانَ اللَّهِ وَمَضَى فَلَمَّا أَتَمَّ صَلاَتَهُ وَسَلَّمَ سَجَدَ سَجْدَتَىِ السَّهْوِ فَلَمَّا انْصَرَفَ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصْنَعُ كَمَا صَنَعْتُ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ وَكَذَلِكَ رَوَاهُ ابْنُ أَبِي لَيْلَى عَنِ الشَّعْبِيِّ عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ وَرَفَعَهُ وَرَوَاهُ أَبُو عُمَيْسٍ عَنْ ثَابِتِ بْنِ عُبَيْدٍ قَالَ صَلَّى بِنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ شُعْبَةَ مِثْلَ حَدِيثِ زِيَادِ بْنِ عِلاَقَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ أَبُو عُمَيْسٍ أَخُو الْمَسْعُودِيِّ وَفَعَلَ سَعْدُ بْنُ أَبِي وَقَّاصٍ مِثْلَ مَا فَعَلَ الْمُغِيرَةُ وَعِمْرَانُ بْنُ حُصَيْنٍ وَالضَّحَّاكُ بْنُ قَيْسٍ وَمُعَاوِيَةُ بْنُ أَبِي سُفْيَانَ وَابْنُ عَبَّاسٍ أَفْتَى بِذَلِكَ وَعُمَرُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ هَذَا فِيمَنْ قَامَ مِنْ ثِنْتَيْنِ ثُمَّ سَجَدُوا بَعْدَ مَا سَلَّمُوا ‏.‏
ज़ियाद बिन अलाक़ा कहते हैं कि हमें मुग़ीरा बिन शोबा ने नमाज़ पढ़ाई और दो रकात के बाद खड़े हो गए। हमने 'सुबहानल्लाह' कहा, तो उन्होंने भी 'सुबहानल्लाह' कहा और नमाज़ जारी रखी। जब नमाज़ पूरी करके सलाम फेर चुके तो, त्रुटि के दो सजदे कर लिए। जब नमाज़ से बाहर आ गए, तो फ़रमायाः मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को वैसा ही करते देखा है, जैसा मैंने किया है।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।