सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2738

नंबर 2738किताब 15, नंबर 262
حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا دَاوُدُ بْنُ أَبِي هِنْدٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ يَوْمَ بَدْرٍ ‏ "‏ مَنْ قَتَلَ قَتِيلاً فَلَهُ كَذَا وَكَذَا وَمَنْ أَسَرَ أَسِيرًا فَلَهُ كَذَا وَكَذَا ‏"‏ ثُمَّ سَاقَ نَحْوَهُ وَحَدِيثُ خَالِدٍ أَتَمُّ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Messenger of Allah (ﷺ) said on the day of Badr: He who kills a man will get such-and-such, and he who captivates a man will get such-and-such. The narrator then transmitted the rest of the tradition in a similar manner. The tradition of Khalid is more perfect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।