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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2584

नंबर 2584किताब 15, नंबर 108
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي الْحَسَنِ، قَالَ كَانَتْ قَبِيعَةُ سَيْفِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِضَّةً ‏.‏ قَالَ قَتَادَةُ وَمَا عَلِمْتُ أَحَدًا تَابَعَهُ عَلَى ذَلِكَ ‏.‏
Narrated Sa'id ibn AbulHasan: The pommel of the sword of the Messenger of Allah (ﷺ) was of silver. Qatadah said: I do not know that anyone has supported him for that (for the tradition narrated by Sa'id b. Abu al-Hasan)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।