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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2581

नंबर 2581किताब 15, नंबर 105
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ خَلَفٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ عَبْدِ الْمَجِيدِ، حَدَّثَنَا عَنْبَسَةُ، ح وَحَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ الْمُفَضَّلِ، عَنْ حُمَيْدٍ الطَّوِيلِ، جَمِيعًا عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ لاَ جَلَبَ وَلاَ جَنَبَ ‏"‏ ‏.‏ زَادَ يَحْيَى فِي حَدِيثِهِ ‏"‏ فِي الرِّهَانِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Imran ibn Husayn: The Prophet (ﷺ) said: There must be no shouting or leading another horse at one's side. Yahya added in his tradition: When racing for a wager
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · Jihad (Kitab Al-Jihad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।