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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2308

नंबर 2308किताब 13, नंबर 134
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، أَنَّ مُحَمَّدَ بْنَ جَعْفَرٍ، حَدَّثَهُمْ ح، وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ مَطَرٍ، عَنْ رَجَاءِ بْنِ حَيْوَةَ، عَنْ قَبِيصَةَ بْنِ ذُؤَيْبٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ، قَالَ لاَ تَلْبِسُوا عَلَيْنَا سُنَّتَهُ - قَالَ ابْنُ الْمُثَنَّى سُنَّةَ نَبِيِّنَا - صلى الله عليه وسلم عِدَّةُ الْمُتَوَفَّى عَنْهَا أَرْبَعَةُ أَشْهُرٍ وَعَشْرٌ ‏.‏ يَعْنِي أُمَّ الْوَلَدِ ‏.‏
Narrated Amr ibn al-'As: Do not confuse us about his Sunnah. Ibn al-Muthanna said: The Sunnah of our Prophet (ﷺ) is that the waiting period of a slave-mother whose husband has died is four months and ten days
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।