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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2307

नंबर 2307किताब 13, नंबर 133
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، - قَالَ عُثْمَانُ حَدَّثَنَا وَقَالَ ابْنُ الْعَلاَءِ، أَخْبَرَنَا - أَبُو مُعَاوِيَةَ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ مُسْلِمٍ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ مَنْ شَاءَ لاَعَنْتُهُ لأُنْزِلَتْ سُورَةُ النِّسَاءِ الْقُصْرَى بَعْدَ الأَرْبَعَةِ الأَشْهُرِ وَعَشْرًا ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Mas'ud: I can invoke the curse of Allah on anyone who wishes: The smaller surat an-Nisa (i.e. Surat at-Talaq) was revealed after the verse regarding the waiting period of four months and ten days had been revealed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · Divorce (Kitab Al-Talaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।