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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2147

नंबर 2147किताब 12, नंबर 102
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الأَوْدِيِّ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمُسْلِيِّ، عَنِ الأَشْعَثِ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يُسْأَلُ الرَّجُلُ فِيمَا ضَرَبَ امْرَأَتَهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Umar ibn al-Khattab: The Prophet (ﷺ) said: A man will not be asked as to why he beat his wife
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।