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सुनन अबू दाऊद

नंबर 2077

नंबर 2077किताब 12, नंबर 32
حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ بَقِيَّةَ، عَنْ خَالِدٍ، عَنْ حُصَيْنٍ، عَنْ عَامِرٍ، عَنِ الْحَارِثِ الأَعْوَرِ، عَنْ رَجُلٍ، مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ فَرَأَيْنَا أَنَّهُ عَلِيٌّ - عَلَيْهِ السَّلاَمُ - عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَاهُ ‏.‏
The aforesaid tradition has also been transmitted by ‘Ali through a different chain of narrators from the Prophet (ﷺ) to the same effect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · Marriage (Kitab Al-Nikah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।