सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 2007

नंबर 2007किताब 11, नंबर 287
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ يُوسُفَ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي يَزِيدَ، أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ طَارِقٍ، أَخْبَرَهُ عَنْ أُمِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا جَازَ مَكَانًا مِنْ دَارِ يَعْلَى - نَسِيَهُ عُبَيْدُ اللَّهِ - اسْتَقْبَلَ الْبَيْتَ فَدَعَا ‏.‏
Narrated AbdurRahman ibn Tariq: AbdurRahman reported on the authority of his mother: When the Messenger of Allah (ﷺ) passed any place from the house of Ya'la,--the narrator Ubaydullah forgot its name--he faced the House (the Ka'bah) and supplicated
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।