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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1843

नंबर 1843किताब 11, नंबर 123
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ الشَّهِيدِ، عَنْ مَيْمُونِ بْنِ مِهْرَانَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ الأَصَمِّ ابْنِ أَخِي، مَيْمُونَةَ عَنْ مَيْمُونَةَ، قَالَتْ تَزَوَّجَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَنَحْنُ حَلاَلاَنِ بِسَرِفَ ‏.‏
Yazid bin Al Asamm, Maimunah’s nephew said on Maimunah’s authority The Apostle of Allaah(ﷺ) married me when we were not in the sacred state at Sarif
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (1411)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Rites of Hajj (Kitab Al-Manasik Wa'l-Hajj)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।