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सूरह 9 · आयत 81

At-Tawba 9:81

التوبة

فَرِحَ ٱلْمُخَلَّفُونَ بِمَقْعَدِهِمْ خِلَـٰفَ رَسُولِ ٱللَّهِ وَكَرِهُوٓا۟ أَن يُجَـٰهِدُوا۟ بِأَمْوَٰلِهِمْ وَأَنفُسِهِمْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ وَقَالُوا۟ لَا تَنفِرُوا۟ فِى ٱلْحَرِّ ۗ قُلْ نَارُ جَهَنَّمَ أَشَدُّ حَرًّا ۚ لَّوْ كَانُوا۟ يَفْقَهُونَ

मतलब

वे लोग जो पीछे छोड़ दिए[40] गए, अल्लाह के रसूल के पीछे अपने बैठ रहने पर खुश हो गए और उन्होंने नापसंद किया कि अपने धनों और अपने प्राणों के साथ अल्लाह के मार्ग में जिहाद करें और उन्होंने (अन्य लोगों से) कहा कि गर्मी में मत निकलो। आप कह दें : जहन्नम की आग कहीं अधिक गर्म है। काश! वे समझते होते।

[40] अर्थात मुनाफ़िक़ जो मदीना में रह गए और तबूक के युद्ध में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ नहीं गए।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

तबूक के युद्ध से पीछे छोड़ दिए गए मुनाफ़िक़, अल्लाह के रसूल के आदेश का उल्लंघन करते हुए, अल्लाह के मार्ग में जिहाद से अपने बैठ रहने पर प्रसन्न हुए, तथा उन्होंने अपने धन एवं प्राण के साथ अल्लाह के मार्ग में मोमिनों की तरह जिहाद करने को नापसंंद किया, और अपने मुनाफ़िक़ भाइयों को हतोत्साहित करते हुए कहा : इस गर्मी में न निकलो। क्योंकि तबूक का युद्ध सख़्त गर्मी के दिनों में हुआ था। (ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : जहन्नम की आग, जो मुनाफ़िक़ों की प्रतीक्षा कर रही है, इस गर्मी से कहीं ज़्यादा गर्म है, जिससे वे भागे हैं, यदि वे जानते होते।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

At-Tawba

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net