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सूरह 9 · आयत 55

At-Tawba 9:55

التوبة

فَلَا تُعْجِبْكَ أَمْوَٰلُهُمْ وَلَآ أَوْلَـٰدُهُمْ ۚ إِنَّمَا يُرِيدُ ٱللَّهُ لِيُعَذِّبَهُم بِهَا فِى ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَتَزْهَقَ أَنفُسُهُمْ وَهُمْ كَـٰفِرُونَ

मतलब

अतः आपको न उनके धन भले लगें और न उनकी संतान। अल्लाह तो यही चाहता है कि उन्हें इनके द्वारा सांसारिक जीवन में यातना दे और उनके प्राण इस दशा में निकलें कि वे काफ़िर हों।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अतः (ऐ रसूल!) आपको इन मुनाफ़िक़ों के धन तथा उनकी संतान विस्मित न करें और न ही आप उन्हें अच्छा समझें। क्योंकि उनके धन एवं संतान का परिणाम बहुत बुरा है। अल्लाह उन्हें उनके लिए अज़ाब बना देगा कि उसे कमाने में कड़ी मेहनत करेंगे और थकान सहेंगे और दूसरी ओर अल्लाह उनमें विपत्तियाँ उतारता रहेगा यहाँ तक कि अल्लाह उनके कुफ़्र ही की हालत में उनके प्राण निकालेगा, फिर वे जहन्नम के सबसे निचले गड्ढे में अनंत काल के लिए यातना दिए जाएँगे।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

At-Tawba

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net