At-Tawba 9:40
التوبةإِلَّا تَنصُرُوهُ فَقَدْ نَصَرَهُ ٱللَّهُ إِذْ أَخْرَجَهُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ ثَانِىَ ٱثْنَيْنِ إِذْ هُمَا فِى ٱلْغَارِ إِذْ يَقُولُ لِصَـٰحِبِهِۦ لَا تَحْزَنْ إِنَّ ٱللَّهَ مَعَنَا ۖ فَأَنزَلَ ٱللَّهُ سَكِينَتَهُۥ عَلَيْهِ وَأَيَّدَهُۥ بِجُنُودٍ لَّمْ تَرَوْهَا وَجَعَلَ كَلِمَةَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ ٱلسُّفْلَىٰ ۗ وَكَلِمَةُ ٱللَّهِ هِىَ ٱلْعُلْيَا ۗ وَٱللَّهُ عَزِيزٌ حَكِيمٌ
यदि तुम उनकी सहायता न करो, तो निःसंदेह अल्लाह ने उनकी सहायता की, जब उन्हें उन लोगों ने निकाल दिया[20] जिन्होंने कुफ़्र किया, जब वह दो में दूसरा थे, जब वे दोनों गुफा में थे, जब वह अपने साथी से कह रहे थे : शोकाकुल न हो। निःसंदेह अल्लाह हमारे साथ है।[21] तो अल्लाह ने उनपर अपनी ओर से शांति उतार दी और उन्हें ऐसी सेनाओँ के साथ शक्ति प्रदान की, जिन्हें तुमने नहीं देखे और उन लोगों की बात नीची कर दी जिन्होंने कुफ़्र किया, और अल्लाह की बात ही सबसे ऊँची है और अल्लाह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
[20] यह उस अवसर की चर्चा है जब मक्का के मिश्रणवादियों ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का वध कर देने का निर्णय किया। उसी रात आप मक्का से निकलकर 'सौर' पर्वत की चोटी के पास स्थित गुफा में तीन दिन तक छिपे रहे। फिर मदीना पहुँचे। उस समय गुफा में केवल आदरणीय अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु आपके साथ थे।
[21] ह़दीस में है कि अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने कहा कि मैं गुफा में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ था। और मैंने मुश्रिकों के पैर देख लिए। और आपसे कहा : यदि इनमें से कोई अपना पैर उठा दे, तो हमें देख लेगा। आपने कहा : उन दो के बारे में तुम्हारा क्या विचार है जिनका तीसरा अल्लाह है। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4663)
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
यदि (ऐ मोमिनो!) तुम रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सहायता नहीं करते, और अल्लाह के मार्ग में जिहाद के लिए उसके आह्वान का जवाब नहीं देते, तो अल्लाह ने तुम्हारे बिना ही उनकी सहायता उस समय की है, जब बहुदेववादियों ने उन्हें (मक्का से) निकाल दिया था। केवल वह और अबू बक्र थे। उनका कोई तीसरा नहीं था। जब वे दोनों 'साैर' नामी गुफा में उन काफ़िरों से छिपे हुए थे, जो उन दोनों को तलाश कर रहे थे। जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपने साथी अबू बक्र सिद्दीक़ से, उन्हें मुश्रिकों द्वारा उनके पकड़े जाने का डर होने पर, कह रहे थे : दुखी मत हो। निःसंदेह अल्लाह अपने समर्थन और मदद के साथ, हमारे साथ है। तो अल्लाह ने अपने रसूल के दिल पर शांति उतार दी और आपपर ऐसे सैनिक उतारे जिन्हें तुम नहीं देखते, और वे फ़रिश्ते थे जो आपका समर्थन कर रहे थे। तथा उसने काफ़िरों की बात नीची कर दी, और अल्लाह की बात ही सर्वोच्च है जब उसने इस्लाम को ऊँचा कर दिया। और अल्लाह अपने अस्तित्व, अपनी प्रबलता और राज्य में प्रभुत्वशाली है, उसे कोई पराजित नहीं कर सकता, अपने प्रबंधन, नियति और विधान में पूर्ण हिकमत वाला है।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net