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सूरह 9 · आयत 13

At-Tawba 9:13

التوبة

أَلَا تُقَـٰتِلُونَ قَوْمًا نَّكَثُوٓا۟ أَيْمَـٰنَهُمْ وَهَمُّوا۟ بِإِخْرَاجِ ٱلرَّسُولِ وَهُم بَدَءُوكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍ ۚ أَتَخْشَوْنَهُمْ ۚ فَٱللَّهُ أَحَقُّ أَن تَخْشَوْهُ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ

मतलब

क्या तुम उन लोगों से नहीं लड़ोगे, जिन्होंने अपनी क़समें तोड़ दीं और रसूल को निकालने का इरादा किया, और उन्होंने ही तुमसे युद्ध का आरंभ किया है? क्या तुम उनसे डरते हो? तो अल्लाह अधिक हक़दार है कि तुम उससे डरो, यदि तुम ईमानवाले[6] हो।

[6] आयत संख्या 7 से लेकर 13 तक यह बताया गया है कि शत्रु ने निरंतर संधि को तोड़ा है। और तुम्हें युद्ध के लिए बाध्य कर दिया है। अब उनके अत्याचार और आक्रमण को रोकने का यही उपाय रह गया है कि उनसे युद्ध किया जाए।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

(ऐ ईमान वालो!) तुम उन लोगों से युद्ध क्यों नहीं करते, जिन्होंने अपने वचनों और प्रतिज्ञाओं को तोड़ दिया, और दारुन-नदवा में अपनी बैठक में रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को मक्का से निकालने के लिए प्रयास किया, और उन्होंने ही अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सहयोगी खुज़ाआ कबीले के विरुद्ध कुरैश के सहयोगी बक्र क़बीले की मदद करके, तुमसे युद्ध करने में पहल की है। क्या तुम युद्ध में उनके साथ मुठभेड़ से डरते हो?! तो (जान लो कि) यदि तुम वास्तव में ईमान वाले हो, तो अल्लाह इस बात का अधिक हक़दार है कि तुम उससे डरो।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

At-Tawba

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net