सीधे कंटेंट पर जाएँ
सूरह 9 · आयत 118

At-Tawba 9:118

التوبة

وَعَلَى ٱلثَّلَـٰثَةِ ٱلَّذِينَ خُلِّفُوا۟ حَتَّىٰٓ إِذَا ضَاقَتْ عَلَيْهِمُ ٱلْأَرْضُ بِمَا رَحُبَتْ وَضَاقَتْ عَلَيْهِمْ أَنفُسُهُمْ وَظَنُّوٓا۟ أَن لَّا مَلْجَأَ مِنَ ٱللَّهِ إِلَّآ إِلَيْهِ ثُمَّ تَابَ عَلَيْهِمْ لِيَتُوبُوٓا۟ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلتَّوَّابُ ٱلرَّحِيمُ

मतलब

तथा उन तीन[54] लोगों की भी (तौबा क़बूल कर ली), जिनका मामला स्थगित कर दिया गया था, यहाँ तक कि जब धरती उनपर अपने विस्तार के बावजूद तंग हो गई और उनपर उनके प्राण संकीर्ण[55] हो गए और उन्होंने यक़ीन कर लिया कि अल्लाह से भागकर उनके लिए कोई शरण लेने का स्थान नहीं, परंतु उसी की ओर। फिर उसने उनपर दया करते हुए उन्हें तौबा की तौफ़ीक़ दी, ताकि वे तौबा करें। निश्चय अल्लाह ही है जो बहुत तौबा क़बूल करने वाला, अत्यंत दयावान् है।

[54] ये वही तीन लोग हैं जिनकी चर्चा आयत संख्या 106 में आ चुकी है। इनके नाम थे : 1-का'ब बिन मालिक, 2-हिलाल बिन उमय्या, 3- मुरारह बिन रबी'। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4677)
[55] क्योंकि उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अल्लाह ने उन तीनों व्यक्तियों अर्थात् कअब बिन मालिक, मुरारा बिन रबी' और हिलाल बिन उमय्यह को भी क्षमा कर दिया, जिनके अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ तबूक की ओर निकलने से पीछे रह जाने के बाद उनकी तौबा के क़बूल होने का मामला स्थगित कर दिया गया था। चुनाँचे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने लोगों को इन तीनों से अलग-थलग रहने का आदेश दे दिया, जिसपर उन्हें दु:ख और शोक ने घेर लिया, यहाँ तक कि धरती अपने विस्तार के बावजूद उनपर तंग हो गई और उन्हें जिस अकेलेपन का सामना हुआ उसके कारण उनके दिल संकुचित हो गए और उन्होंने जान लिया कि एकमात्र अल्लाह के सिवा उनके लिए कोई शरण लेने का स्थान नहीं है। इसलिए अल्लाह ने उनपर दया करते हुए उन्हें तौबा की तौफ़ीक़ दी, फिर उनकी तौबा क़बूल फरमाई। निःसंदेह वह अपने बंदों की तौबा क़बूल करने वाला, उनपर दया करने वाला है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

At-Tawba

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net