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सूरह 8 · आयत 65

Al-Anfaal 8:65

الأنفال

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ حَرِّضِ ٱلْمُؤْمِنِينَ عَلَى ٱلْقِتَالِ ۚ إِن يَكُن مِّنكُمْ عِشْرُونَ صَـٰبِرُونَ يَغْلِبُوا۟ مِا۟ئَتَيْنِ ۚ وَإِن يَكُن مِّنكُم مِّا۟ئَةٌ يَغْلِبُوٓا۟ أَلْفًا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِأَنَّهُمْ قَوْمٌ لَّا يَفْقَهُونَ

मतलब

ऐ नबी! ईमान वालों को लड़ाई पर उभारें।[30] यदि तुममें से बीस धैर्य रखने वाले हों, तो वे दो सौ पर विजय प्राप्त करेंगे, और यदि तुममें से एक सौ हों, तो वे कुफ़्र करने वालों में से एक हज़ार पर विजय प्राप्त करेंगे। यह इसलिए कि निःसंदेह वे ऐसे लोग हैं जो समझते नहीं।

[30] इसलिए कि काफ़िर मैदान में आ गए हैं और आपसे युद्ध करना चाहते हैं। ऐसी दशा में जिहाद अनिवार्य हो जाता है, ताकि शत्रु के आक्रमण से बचा जाए।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

ऐ नबी! ईमान वालों को लड़ने के लिए प्रोत्साहित करें, तथा उन्हें इसके लिए इस तरह से प्रोत्साहन दें कि उनके संकल्प को मज़बूत करें और उनका हौसला बढ़ाएँ। (ऐ ईमान वालो!) अगर तुममें से बीस आदमी काफ़िरों से लड़ने में धैर्य रखने वाले हों, तो दो सौ काफ़िरों पर प्रभावी रहेंगे। और अगर तुममें से एक सौ धैर्य रखने वाले हों, तो एक हज़ार काफ़िरों को हरा देंगे। इसका कारण यह है कि काफ़िर लोग अल्लाह का यह नियम नहीं समझते कि वह अपने दोस्तों को विजय प्रदान करता है और अपने शत्रुओं को परास्त कर देता है। तथा वे नहीं जानते कि लड़ने का क्या उद्देश्य है। यही कारण है कि वे दुनिया में वर्चस्व प्राप्त करने के लिए लड़ते हैं।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Anfaal

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net