Al-A'raaf 7:176
الأعرافوَلَوْ شِئْنَا لَرَفَعْنَـٰهُ بِهَا وَلَـٰكِنَّهُۥٓ أَخْلَدَ إِلَى ٱلْأَرْضِ وَٱتَّبَعَ هَوَىٰهُ ۚ فَمَثَلُهُۥ كَمَثَلِ ٱلْكَلْبِ إِن تَحْمِلْ عَلَيْهِ يَلْهَثْ أَوْ تَتْرُكْهُ يَلْهَث ۚ ذَّٰلِكَ مَثَلُ ٱلْقَوْمِ ٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَـٰتِنَا ۚ فَٱقْصُصِ ٱلْقَصَصَ لَعَلَّهُمْ يَتَفَكَّرُونَ
और यदि हम चाहते, तो उन (आयतों) के द्वारा उसका पद ऊँचा कर देते, परंतु वह धरती से चिमट गया और अपनी इच्छा के पीछे लग गया। अतः उसकी दशा उस कुत्ते के समान हो गई, जिसे हाँको, तब भी जीभ निकाले हाँफता रहे और छोड़ दो, तब भी जीभ निकाले हाँफता है। यह उन लोगों की मिसाल है, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया। तो आप ये कथाएँ (उन्हें) सुना दें, ताकि वे सोच-विचार करें।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
और यदि हम उसे इन आयतों से लाभ पहुँचाना चाहते, तो इनके द्वारा उसे ऊँचाइयाँ प्रदान करते। वह इस तरह कि उसे इनपर अमल करने की तौफीक़ देते, तो वह दुनिया एवं आख़िरत में ऊँचाइयाँ प्राप्त कर लेता। लेकिन उसने वह रास्ता चुना जो उसकी विफलता की ओर ले जाता है, जब वह अपनी आख़िरत पर अपनी दुनिया को प्राथमिकता देते हुए संसार की इच्छाओं की ओर अग्रसर हो गया और अपने मन की असत्य आकांक्षाओं के पीछे चलने लगा। अतः दुनिया के अत्यधिक मोह के विषय में उसकी मिसाल कुत्ते की तरह है, जो हर हाल में हाँफता रहता है, यदि वह बैठा हुआ है तो भी हाँफता रहता है और अगर धुतकार दिया जाता है तो भी हाँफता रहता है। यह मिसाल उन लोगों की है जो हमारी आयतों को झुठलाने के कारण गुमराह होने वाले हैं।तो (ऐ रसूल!) आप उन्हें कहानियाँ सुनाएँ; इस आशा में कि वे सोच-विचार करें, और परिणाम स्वरूप, वे जिस गुमराही और झुठलाने में लिप्त हैं, उससे बाज़ आ जाएँ।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net