Al-A'raaf 7:156
الأعرافوَٱكْتُبْ لَنَا فِى هَـٰذِهِ ٱلدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِى ٱلْـَٔاخِرَةِ إِنَّا هُدْنَآ إِلَيْكَ ۚ قَالَ عَذَابِىٓ أُصِيبُ بِهِۦ مَنْ أَشَآءُ ۖ وَرَحْمَتِى وَسِعَتْ كُلَّ شَىْءٍ ۚ فَسَأَكْتُبُهَا لِلَّذِينَ يَتَّقُونَ وَيُؤْتُونَ ٱلزَّكَوٰةَ وَٱلَّذِينَ هُم بِـَٔايَـٰتِنَا يُؤْمِنُونَ
और हमारे लिए इस संसार में भलाई लिख दे तथा परलोक (आख़िरत) में भी। निःसंदेह हम तेरी ओर लौट आए। अल्लाह ने कहा : मैं अपनी यातना से जिसे चाहता हूँ, ग्रस्त करता हूँ। और मेरी दया प्रत्येक चीज़ को घेरे हुए है। अतः मैं उसे उन लोगों के लिए अवश्य लिख दूँगा, जो डरते हैं और ज़कात देते है और जो हमारी आयतों पर ईमान लाते हैं।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
हमें उन लोगों में से बना दे, जिन्हें तूने इस जीवन में नेमतों और शांति से सम्मानित किया है और सत्कर्म की तौफ़ीक़ दी है, और आख़िरत में अपने उन नेक बंदों में से बना दे, जिनके लिए तूने जन्नत तैयार कर रखी है। निःसंदेह हमने तेरे समक्ष पश्चाताप किया और हम अपनी कमियों को स्वीकार करते हुए वापस आए हैं। इसपर अल्लाह ने फरमाया : मैं दुर्भाग्य के कारणों को अपनाने वाले लोगों में से जिसे चाहता हूँ, अपनी यातना से ग्रस्त करता हूँ, और मेरी दया इस दुनिया में हर चीज़ को व्याप्त है; अतः कोई भी प्राणी नहीं है परंतु अल्लाह की दया उसके पास पहुँच गई है और उसके अनुग्रह और उपकार ने उसे घेर रखा है। इसलिए मैं आख़िरत में अपनी दया को उन लोगों के लिए लिख दूँगा, जो अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से दूर रहकर डरते हैं, और जो अपने धन की ज़कात उसके हक़दारों को अदा करते हैं और जो हमारी निशानियों पर विश्वास रखते हैं।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net