At-Tahrim 66:5
التحريمعَسَىٰ رَبُّهُۥٓ إِن طَلَّقَكُنَّ أَن يُبْدِلَهُۥٓ أَزْوَٰجًا خَيْرًا مِّنكُنَّ مُسْلِمَـٰتٍ مُّؤْمِنَـٰتٍ قَـٰنِتَـٰتٍ تَـٰٓئِبَـٰتٍ عَـٰبِدَٰتٍ سَـٰٓئِحَـٰتٍ ثَيِّبَـٰتٍ وَأَبْكَارًا
यदि वह (नबी) तुम्हें तलाक़ दे दें, तो निकट है कि उनका पालनहार तुम्हारे बदले में उन्हें तुमसे बेहतर पत्नियाँ प्रदान कर दे, जो इस्लाम वालियाँ, ईमान वालियाँ, आज्ञापालन करने वालियाँ, तौबा करने वालियाँ, इबादत करने वालियाँ, रोज़ा रखने वालियाँ, पहले से शादीशुदा तथा कुँवारियाँ हों।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
यदि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम तुम्हें तलाक़ दे दें, तो बहुत संभावित है कि उनका पालनहार उन्हें तुमसे बेहतर पत्नियाँ प्रदान कर दे, जो उसके आदेश को मानने वाली हों, उसपर तथा उसके रसूल पर ईमान रखने वाली हों, अल्लाह का आज्ञापालन करने वाली हों, अपने गुनाहों से तौबा करने वाली हों, अपने पालनहार की इबादत करने वाली हों, रोज़ा रखने वाली हों, जिनमें से कुछ पहले से शादीशुदा तथा कुछ कुँवारियाँ हों। लेकिन नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उन्हें तलाक नहीं दी।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net