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सूरह 60 · आयत 2

Al-Mumtahana 60:2

الممتحنة

إِن يَثْقَفُوكُمْ يَكُونُوا۟ لَكُمْ أَعْدَآءً وَيَبْسُطُوٓا۟ إِلَيْكُمْ أَيْدِيَهُمْ وَأَلْسِنَتَهُم بِٱلسُّوٓءِ وَوَدُّوا۟ لَوْ تَكْفُرُونَ

मतलब

यदि वे तुम्हें पा जाएँ, तो तुम्हारे दुश्मन होंगे तथा अपने हाथ और अपनी ज़बानें तुम्हारी ओर बुराई के साथ बढ़ाएँगे और चाहेंगे कि तुम काफ़िर हो जाओ।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

यदि वे तुम्हें (कहीं) पा जाएँ, तो अपने दिलों में छिपाई हुई दुश्मनी का प्रदर्शन करेंगे, और कष्ट पहुँचाने तथा मार पीट करने के लिए तुम्हारी ओर अपने हाथ बढ़ाएँगे, और गाली-गलौज करने तथा बुरा-भला कहने के लिए अपनी ज़बानों को आज़ाद छोड़ देंगे, और इस बात की कामना करेंगे कि काश तुम भी अल्लाह और उसके रसूल का इनकार करके उनके जैसे हो जाओ।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Mumtahana

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net