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सूरह 6 · आयत 34

Al-An'aam 6:34

الأنعام

وَلَقَدْ كُذِّبَتْ رُسُلٌ مِّن قَبْلِكَ فَصَبَرُوا۟ عَلَىٰ مَا كُذِّبُوا۟ وَأُوذُوا۟ حَتَّىٰٓ أَتَىٰهُمْ نَصْرُنَا ۚ وَلَا مُبَدِّلَ لِكَلِمَـٰتِ ٱللَّهِ ۚ وَلَقَدْ جَآءَكَ مِن نَّبَإِى۟ ٱلْمُرْسَلِينَ

मतलब

और निःसंदेह आपसे पहले कई रसूल झुठलाए गए, तो उन्होंने अपने झुठलाए जाने और कष्ट दिए जाने पर सब्र किया, यहाँ तक कि उनके पास हमारी सहायता आ गई। तथा कोई अल्लाह की बातों को बदलने वाला नहीं[28] और निःसंदेह आपके पास (उन) रसूलों के कुछ समाचार आ चुके हैं।

[28] अर्थात अल्लाह के निर्धारित नियम को, कि पहले वह परीक्षा में डालता है, फिर सहायता करता है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

आप यह न समझें कि यह इनकार केवल उसी चीज़ के साथ खास है, जो आप लाए हैं। बल्कि तथ्य यह है कि आपसे पहले भी कई रसूलों को झुठलाया गया तथा उनकी क़ौम के लोगों ने उन्हें कष्ट पहुँचाया। तो उन्होंने उसका सामना, अल्लाह की ओर बुलाने और उसके रास्ते में जिहाद करने पर सब्र के साथ किया, यहाँ तक कि उनके पास अल्लाह की ओर से सहायता आ पहुँची। तथा अल्लाह ने जो विजय लिख दिया है और अपने रसूलों से उसका वादा किया है, उसे कोई बदलने वाला नहीं। और (ऐ रसूल!) आपके पास आपसे पहले रसूलों के समाचार आ चुके हैं और जिस चीज़ का उन्हें उनकी जातियों की ओर से सामना हुआ और जो अल्लाह ने उन्हें उनके दुश्मनों पर उनको विनष्ट करके विजय प्रदान किया।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-An'aam

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net