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सूरह 6 · आयत 151

Al-An'aam 6:151

الأنعام

قُلْ تَعَالَوْا۟ أَتْلُ مَا حَرَّمَ رَبُّكُمْ عَلَيْكُمْ ۖ أَلَّا تُشْرِكُوا۟ بِهِۦ شَيْـًٔا ۖ وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ إِحْسَـٰنًا ۖ وَلَا تَقْتُلُوٓا۟ أَوْلَـٰدَكُم مِّنْ إِمْلَـٰقٍ ۖ نَّحْنُ نَرْزُقُكُمْ وَإِيَّاهُمْ ۖ وَلَا تَقْرَبُوا۟ ٱلْفَوَٰحِشَ مَا ظَهَرَ مِنْهَا وَمَا بَطَنَ ۖ وَلَا تَقْتُلُوا۟ ٱلنَّفْسَ ٱلَّتِى حَرَّمَ ٱللَّهُ إِلَّا بِٱلْحَقِّ ۚ ذَٰلِكُمْ وَصَّىٰكُم بِهِۦ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ

मतलब

आप उनसे कह दें कि आओ, मैं तुम्हें (आयतें) पढ़कर सुना दूँ कि तुमपर, तुम्हारे पालनहार ने क्या हराम किया है? वह यह है कि किसी चीज़ को अल्लाह का साझी न बनाओ और माता-पिता के साथ उपकार करो तथा निर्धनता के भय से अपनी संतानों की हत्या न करो। हम तुम्हें रोज़ी देते हैं और उन्हें भी देंगे। और निर्लज्जता की बातों के निकट भी न जाओ, खुली हों अथवा छिपी। और किसी प्राणी की हत्य न करो, जिस (की हत्या) को अल्लाह ने हराम ठहराया हो, सिवाय इसके कि उसका कोई उचित कारण[101] हो। ये बातें हैं, जिनकी अल्लाह ने तुम्हें ताकीद की है, ताकि तुम समझो।

[101] सह़ीह़ ह़दीस में है कि किसी मुसलमान का खून तीन कारणों के सिवा अवैध है : 1. किसी ने विवाहित होकर व्यभिचार किया हो। 2. किसी मुसलमान को जान-बूझ कर अवैध मार डाला हो। 3. इस्लाम से फिर गया हो और अल्लाह तथा उसके रसूल से युद्ध करने लगे। (सह़ीह़ मुस्लिम, ह़दीस संख्या :1676)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) लोगों से कह दें : आओ, मैं तुम्हें पढ़कर सुनाऊँ कि अल्लाह ने क्या-क्या हराम किया है। अल्लाह ने तुमपर हराम किया है कि तुम उसकी सृष्टि में से किसी वस्तु को उसके साथ साझी बनाओ, और अपने माता-पिता की अवज्ञा करो। बल्कि तुमपर अनिवार्य है कि उनके साथ अच्छा व्यवहार करो। तथा उसने तुमपर हराम किया है कि तुम गरीबी के कारण अपनी संतानों की हत्या करो, जैसे जाहिलियत के युग में लोग किया करते थे। हम ही तुम्हें जीविका प्रदान करते हैं और उन्हें भी जीविका प्रदान करते हैं। तथा उसने निर्लज्जता (दुराचार) के निकट भी जाने को हराम किया है, चाहे वह खुली हो अथवा छिपी। और यह भी हराम किया है कि तुम उस प्राणी की हत्या करो, जिसकी हत्या करना अल्लाह ने हराम किया है, सिवाय इसके कि उसका कोई उचित कारण हो, जैसे कि शादीशुदा होने के बाद व्यभिचार, और इस्लाम के बाद धर्मत्याग। अल्लाह ने तुम्हें इन उक्त बातों की ताकीद की है, ताकि तुम अल्लाह के आदेशों और निषेधों को समझो।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-An'aam

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net