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सूरह 58 · आयत 21

Al-Mujaadila 58:21

المجادلة

كَتَبَ ٱللَّهُ لَأَغْلِبَنَّ أَنَا۠ وَرُسُلِىٓ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ قَوِىٌّ عَزِيزٌ

मतलब

अल्लाह ने लिख दिया है कि अवश्य मैं और मेरे रसूल ही ग़ालिब (विजयी)[13] रहेंगे। निःसंदेह अल्लाह अति शक्तिशाली,अत्यंत प्रभुत्वशाली है।

[13] (देखिए : सूरत मूमिन, आयत : 51-52)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अल्लाह ने अपने पूर्व ज्ञान के आधार पर निर्णय कर दिया है कि निश्चित रूप से मैं और मेरे रसूल ही तर्क और शक्ति के साथ अपने दुश्मनों पर विजयी रहेंगे। निश्चय अल्लाह अपने रसूलों की सहायता करने पर सर्वशक्तिमान, प्रभुत्ववशाली है, जो उनके दुश्मनों से बदला लेता है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Mujaadila

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net