Al-Hadid 57:19
الحديدوَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ بِٱللَّهِ وَرُسُلِهِۦٓ أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلصِّدِّيقُونَ ۖ وَٱلشُّهَدَآءُ عِندَ رَبِّهِمْ لَهُمْ أَجْرُهُمْ وَنُورُهُمْ ۖ وَٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَكَذَّبُوا۟ بِـَٔايَـٰتِنَآ أُو۟لَـٰٓئِكَ أَصْحَـٰبُ ٱلْجَحِيمِ
तथा जो लोग अल्लाह और उसके रसूलों[11] पर ईमान लाए, वही अपने रब के निकट सिद्दीक़ तथा शहीद[12] (गवाही देने वाले) हैं, उन्हीं के लिए उनका प्रतिफल तथा उनका प्रकाश है। और वे लोग जिन्होंने इनकार किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वे भड़कती आग में रहने वाले हैं।
[11] अर्थात बिना अंतर और भेद-भाव किए सभी रसूलों पर ईमान लाए।
[12] सिद्दीक़ का अर्थ है बड़ा सच्चा। और शहीद का अर्थ गवाह है। (देखिए : सूरतुल-बक़रह, आयत : 143, और सूरतुल-ह़ज्ज, आयत : 78)। शहीद का अर्थ अल्लाह की राह में मारा गया व्यक्ति भी है।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और बिना किसी भेदभाव के उसके (सभी) रसूलों पर ईमान लाए, वही अपने रब के निकट 'सिद्दीक़' और 'शहीद' हैं। उनके लिए उनका सम्मानित प्रतिफल है जो उन्हीं के लिए तैयार किया गया है, तथा उनके लिए उनका वह प्रकाश है, जो क़ियामत के दिन उनके आगे और उनके दाहिनी ओर चल रहा होगा। और जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूलों का इनकार किया और हमारे रसूल पर उतारी गई हमारी आयतों को झुठलाया, वही लोग जहन्नम वाले हैं, जो क़ियामत के दिन उसमें दाख़िल होंगे और हमेशा उसी में रहेंगे, उससे कभी बाहर नहीं निकलेंगे।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net