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सूरह 50 · आयत 14

Qaaf 50:14

ق

وَأَصْحَـٰبُ ٱلْأَيْكَةِ وَقَوْمُ تُبَّعٍ ۚ كُلٌّ كَذَّبَ ٱلرُّسُلَ فَحَقَّ وَعِيدِ

मतलब

तथा ''ऐका'' के वासियों ने और ''तुब्बा''[3] की जाति ने। प्रत्येक ने रसूलों को झुठलाया।[4] तो उनपर मेरे अज़ाब का वादा साबित हो गया।

[3] देखिए : सूरतुद्-दुख़ान, आयत : 37।
[4] इन आयतों में इन जातियों के विनाश की चर्चा करके क़ुरआन और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को न मानने के परिणाम से सावधान किया गया है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

शुऐब अलैहिस्सलाम की जाति 'ऐका' वालों ने और यमन के राजा तुब्ब' की जाति के लोगों ने (अपने रसूल को) झुठलाया। इन सभी जातियों के लोगों ने अल्लाह के उन रसूलों को झुठलाया जिन्हें उसने भेजा था। सो उनपर अल्लाह के अज़ाब का वादा साबित (प्रमाणित) हो गया।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Qaaf

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net