Al-Maaida 5:82
المائدةلَتَجِدَنَّ أَشَدَّ ٱلنَّاسِ عَدَٰوَةً لِّلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱلْيَهُودَ وَٱلَّذِينَ أَشْرَكُوا۟ ۖ وَلَتَجِدَنَّ أَقْرَبَهُم مَّوَدَّةً لِّلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱلَّذِينَ قَالُوٓا۟ إِنَّا نَصَـٰرَىٰ ۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّ مِنْهُمْ قِسِّيسِينَ وَرُهْبَانًا وَأَنَّهُمْ لَا يَسْتَكْبِرُونَ
(ऐ नबी!) निश्चय आप उन लोगों के लिए जो ईमान लाए हैं, सब लोगों से अधिक सख़्त दुश्मनी रखने वाले यहूदियों को तथा उन लोगों को पाएँगे, जिन्होंने शिर्क किया। तथा निश्चय आप उन लोगों के लिए जो ईमान लाए हैं, उनमें से मित्रता में सबसे निकट उनको पाएँगे, जिन्होंने कहा निःसंदेह हम ईसाई हैं। यह इसलिए कि निःसंदेह उनमें विद्वान तथा पादरी (उपासक) हैं और इसलिए कि निःसंदेह वे अभिमान[53] नहीं करते।
[53] अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) कहते हैं कि यह आयत ह़ब्शा के राजा नजाशी और उसके साथियों के बारे में उतरी, जो क़ुरआन सुनकर रोने लगे, और मुसलमान हो गए। (इब्ने जरीर)
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
(ऐ रसूल!) आप उन लोगों के लिए, जो आपपर और आपकी लाई हुई शरीयत पर ईमान लाने वाले हैं, सभी लोगों में सबसे बड़ी दुश्मनी रखने वाला यहूदियों को पाएँगे; क्योंकि उनके अंदर द्वेष, ईर्ष्या और अहंकार पाया जाता है, तथा मूर्तिपूजकों और अन्य शिर्क करने वालों को पाएँगे। तथा आप उन लोगों के लिए, जो आपपर और आपकी लाई हुई शरीयत पर ईमान लाने वाले हैं, उनमें से दोस्ती में सबसे निकट उन लोगों को पाएँगे, जो अपने बारे में कहते हैं कि : वे ईसाई हैं। ईमान वालों के साथ उनके स्नेह की निकटता का कारण यह है कि उनमें विद्वान हैं और उपासक हैं। और यह कि वे विनीत हैं, अभिमानी नहीं हैं, क्योंकि अभिमानी के हृदय में अच्छी बात प्रवेश नहीं करती।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net