Al-Maaida 5:68
المائدةقُلْ يَـٰٓأَهْلَ ٱلْكِتَـٰبِ لَسْتُمْ عَلَىٰ شَىْءٍ حَتَّىٰ تُقِيمُوا۟ ٱلتَّوْرَىٰةَ وَٱلْإِنجِيلَ وَمَآ أُنزِلَ إِلَيْكُم مِّن رَّبِّكُمْ ۗ وَلَيَزِيدَنَّ كَثِيرًا مِّنْهُم مَّآ أُنزِلَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ طُغْيَـٰنًا وَكُفْرًا ۖ فَلَا تَأْسَ عَلَى ٱلْقَوْمِ ٱلْكَـٰفِرِينَ
(ऐ नबी!) आप कह दें : ऐ अह्ले किताब! तुम किसी चीज़ पर नहीं हो, यहाँ तक कि तुम तौरात और इंजील को क़ायम करो[44] और उसको जो तुम्हारी ओर तुम्हारे पालनहार की तरफ़ से उतारा गया है। तथा निश्चय जो कुछ आपकी ओर आपके पालनहार की तरफ़ से उतारा गया है, वह उनमें से बहुत से लोगों को उल्लंघन और कुफ़्र में अवश्य बढ़ा देगा। अतः आप काफ़िर लोगों पर दुखी न हों।
[44] अर्थात उनके आदेशों का पालन करो।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
(ऐ रसूल!) आप कह दें : (ऐ यहूदियो तथा ईसाइयो!) तुम धर्म की किसी गणनीय चीज़ पर नहीं हो, यहाँ तक कि तुम उसके अनुसार काम करो जो कुछ तौरात और इंजील में है तथा उस क़ुरआन पर अमल करो जो तुमपर उतारा गया है, कि जिसपर ईमान लाए और उसकी शिक्षाओं पर अमल किए बिना तुम्हारा ईमान सही नहीं हो सकता। तथा निश्चय ही आपकी ओर आपके पालनहार की तरफ़ से जो पुस्तक उतारी गई है, वह बहुत से किताब वालों को, उनकी ईर्ष्या के कारण, सरकशी और कुफ़्र में अवश्य बढ़ा देगी।अतः आप इन काफ़िरों पर खेद न करें। तथा ईमान वालों में से जो आपका अनुसरण करने वाले हैं, वही आपके लिए काफ़ी हैं।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net